Maa/Mother

सूरज की पहली किरण के साथ तुम उठ जाती चाहे कितनी थकी हो

बीमार थी रात में यह फिर कभी बच्चों की आवाज़ से कभी टीवी की शोर से सोई नहीं हो

सूरज की पहली किरण देखना तुम्हे कितना भाता है और तुम हमारे घर का सूरज  हो

घर को संभालना सबका खयाल रखने का इतना ध्यान रहता है की अपने आप को भूल जाती हो

घर को ऐसे रखती हो जैसे कोई मंदिर किसी की भी परेशानी झेल नहीं पाती हो

अपना सबसे पसंदीदा काम ऐसे छोड़ देती हो जैसे कभी ज़रूरी था ही नहीं वह

सबको कितने प्यार से हर रोज़ अन्नपूर्णा की तरह खाना बना के खिलाती हो

कभी कम पड़ जाये तोह एहसास होने नहीं देती और सिर्फ तुम्हारा ही मन नहीं कर रहा खाने का यह कह के टाल जाती हो

सबकी जरुरत का ध्यान रहता है तुम्हे और जब हम कहे हम तुम्हे कुछ देना

चाहते है तो-‘फिर कभी’ कह कर कभी नहीं बताती हो

कोई हल्का सा भी बीमार पड़े तो दिन रात एक कर देती हो जब तब वह ठीक न हो जाये चैन की सांस नहीं लेती हो

और खुद की तकलीफ़ जाने कैसे चुप चाप अन्दर छुपा जाती हो

तुम्हारे एक दिन घर न होने से घर कितना बेजान लगता है यह बात तो खुद घर ही कह जाता है

परीक्षा किसी की भी हो इम्तिहान तो तुम्हारा भी होता है उसके साथ तुम भी

जगाती हो पढ़ती हो पढाती हो खिलाती हो उसका होसला बढाती हो

सफल हो तो उसका कितना जश्न मानती हो उसके पीछे उस इंसान से ज्यादा तुम्हारी कितनी मेहनत है यह भूल जाती हो

किसी के गम परेशानी या बीमारी में भगवन तक लड़ जाती हो उसके आँसू पोछती हो और खुद के छुपती हो

हर किसी का जन्म दिन याद रहता है सबको खुश करने के लिए पकवान बनाती हो

जब तुम्हारा जन्मदिन आता है तब भी सब से पूछती हो की क्या खाना है और अपने सबसे ख़ास दिन में भी खुद को भूल जाती हो

बिन बताये ही सब जान जाती हो बिन पूछे ही हर तरह का समाधान बताती हो

घर में सब तुमसे सी ही अपना दर्द ज़ाहिर करते है पर खुद के दर्द को कैसे,न किसी को बताती हो, न जताती हो और मुस्कुराती हो

कैसे ढाल बन कर खड़ी हो सबके के लिए चाहे खुद कितनी भी घायल हो

उससे अभी भी यह ही चिंता है खाना कौन बनायेगा खाना खाया कि नहीं खाया चाहे खुद बीमार हो

मैंने तो तुम्हे बताया नहीं न किसी और ने, न ही मैं तुम्हारे सामने थी उस

वक़्त फिर भी कैसी जान गयी मेरे दिल का हाल यह जादू सिर्फ तुम कर सकती हो

बेटी पैदा करने से लेकर उसको पढ़ने के लिए या उसके देर तक काम करने के लिए

कितनी ताने सुने है तुमने और कितने के ही मुँह बंद किये है तुमने याद है तुमको

तुम्हारी शक्ति देख कर ही तो जीने की ताकत आती है तुम हो तो दुनिया

स्वर्ग लगती है वर्ना क्या है इस दुनिया में जीने को

एक बच्चे की लिए माँ से लेकर अद्यापक से लेकर मित्रसे लेकर हर तरह का हक़तुमने अदा किये बिना कहे

और कभी थकने भी लगी तो कहा आराम फरमाती हो

सबकी खुशी की दुआ मांगते हुए अपने लिए ही की कुछ मांगना भूल जाती हो

कहाँ से ऐसा दिल लाती हो माँ कहाँ से ऐसा दिल लाती हो

मैं  चाह कर भी तुम्हारी तरह नहीं बन सकती क्योंकि तुम तो बस एक ही हो

तुम मेरी प्रेरणा मेरी मार्गदर्शक  मेरी शुभचिंतक हो और मेरी दुनिया हो

माँ से दिखती है भगवान् की सूरत और उसके पैरों में ही स्वर्ग होता है

उसकी डांट में भी प्यार है और उसके गुस्से में भी तुम्हारे लिए परवाह ही तो

कितने दूर यह कितने पास हो हम तुम्हे हर वक़्त हम क्या चाइये पता है हम कैसे है इसका बिलकुल सही अंदाज़ा है

सबकी खुशी में अपनी खुशी और अपनी खुशी वह क्या होता है याद ही नहीं रहता उनको

पुरे घर को जोड़ के रखने का काम करती हो घर तो तुमसे है यह बात मैं तुम्हे बताना चाहती हूँ

मेरा हर जन्म भी कम है तुम्हारी तपस्या जैसे जीवन जो तुमने हम पर निछावर कर दिया हस्ते हुए उसका हिसाब करने को

कैसे अपने कलेजे के टुकड़े को अपने से जुदा कर के भी बस उसके बारे में सोचती हो

ऐसी अगर सारी दुनिया हो तो कैसा हो ऐसी अगर सारी दुनिया हो तो कैसा हो

पर नहीं हो सकता क्यूंकि यह हुनर सिर्फ तुम्हारे पास है भगवान् ने खुद जो

अपने हाथों से तुम्हे दिया है और बनाया है अपने जैसा तुमको

मैं  भगवन को कितना शक्रगुज़ार करूँ कम है तुम्हे मेरी ज़िन्दगी में लाने को

तुम्हे गर्व महसूस करवा पाऊँ बस अब ये ही कामना है इस जीवन में मेरी तो,में कभी तुम्हारा साथ नहीं छोडूंगी लाडली जो हूँ

मेरी माँ मेरी दुनिया मेरा सब कुछ है तुम्हारे आगे दुनिया में कुछ खूबसूरत नहीं है

तुम हो तो दुनिया ख़ूबसूरत है तुम हो तो दुनिया है तुम हो तो ज़िन्दगी है तुम हो बस एक तुम ही हो

तुम्हारे जैसा न कोई हो सकता था, न है, न होगा में तुम्हारे पाँव के एक तिनके के जैसा भी बन पाऊँ तो सफल हूं

सबका इतना ध्यान रखने वाली का मेरा भगवान हमेशा ख्याल रखना चाहे मैं इस दुनिया में हो न हो

माँ तुम्हे कभी कह नहीं पाती पर तुम से बहुत प्यार करती हूँ

एक ज़िन्दगी नहीं जन्मों तक तुम्हारी कर्ज़दार हूँ

ज़िन्दगी दी ही नहीं उसे सजाया सवारा भी तुमने है और कितनी बार बचाया भी है यह बता नहीं सकती तुमको

written by Swati Sharma

Copyright 2020 © Swati Sharma and Learning with life. All rights reserved.

Mother


When I see blessing I see you
When there is any challenge my guidance is always you
Someone whom I can share anything, yes, that is you
You are my first teacher, my tutor, my well-wisher and my only best friend yes its you
When I see angel I see you
Our house is a home only because of you
The force that keeps us together, yes, that is you
You are reason home is alive and fights any issue
I feel heaven on earth only because of you

 When I see a ray of hope I see you
When I am in darkness I always look for you
When there is any happiness I only want to share with you
When there is any testing time your heart skip a beat without even I tell you

When I see god I see you
You show me how god love, what is sacrifice 

How patience can anyone be and yet smile through
You heal me, understand my silence, without even telling, you know what my heart wants and guide me through

You understand the language of vibe and follow intuition without giving a second view
You protect us with all you have, no matter how much you have suffered though
You ensure we are safe, happy and content, even at any cost that needs to bear by you


When I see my world, I see you
My life is blessed because it has you
I am always grateful to god because of you
Nobody can take your place as my everything is you
May god protect you always and make your every wish true
Yes, you are right, it can only be a mother

And any words are little of what I feel for you
 I express it very less but more than anything in the world I love you
What a beautiful world it can become if everyone become like you
I have never seen god but I have seen you
And if she/he is like you then god I love you too.

written by Swati Sharma

Copyright 2020 © Swati Sharma and Learning with life. All rights reserved.

Words unsaid

Lets hope to give silence some words...

Words, not just read but understood..

Feelings, not just only felt, but expressed...

And life not just goes on but lived...

Lets hope...

Written by Swati Sharma

Copyright 2020 © Swati Sharma and Learning with life. All rights reserved.

Poetic view

POETIC VIEW #writers

Poetic view is the most beautiful as well as heart wrenching outlook
The days dreams are too long and human interaction too few
They first believe that the world is the fair and the ideal place to be
Their myth breaks badly and then just start writing out of the blue
They make you feel how beautiful it was when they living the dream
They make you realise how cruel reality can be unbelievable but true
Then they give you hope, inspiration and better reason to live
No matter inside their heart running so many emotions bleeding in that book
Any thought that disturbs or touch become a piece of writing
All unrequited feelings unsaid words become poetry, stories and world view
They have a deepness of thought due to the insight and a lot felt within
The meaningful writing because lot to say but words too few
They fly from places to time zones to living one moment again and again
After writing with whole heart they still feel the emotion is still new
The vision is high, so the inner sight and so the compassion and also the regret
So much has been written, but a lot unsaid.. unsaid… unsaid..
Thought was sometimes buried inside for so long that just burst into
Sometime an instant happening effect so much that if not write will keep playing within your head …it’s like killing or impacting you..
Cheers to the poets to their visions and there view
Writers make you realise that feeling or arise that emotion instantly that was already within you
Fly high…swim deep…feel and recite unfold the already existing world but sounds always new
Kudos to writers

Writing matters# unspoken words eat you alive and make you write#poet#writers

Written by

Swati Sharma

Copyright 2020 © Swati Sharma and Learning with life. All rights reserved.

Introspect

Introspect #covid19 ##coronavirus
Normal is blessing
Family is everything
Being real has meaning
Nature is tolerant, but not at every cost you think
Its basic attitude is giving
Introspect is what is expected
If nature can do this so imagine what karma can bring
Karma basic nature is settling
Think before you lie, cheat, judge, hurt and just being mean
Kindness and being human cost nothing
If now not understood then when time will be counted
Let’s make together this world better and safe for living
Not only for you and me, but for everyone
Till then pray, stay safe and hope for god’s blessing.

Written by Swati Sharma

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Delhi burns

#DelhiBurns #DelhiRiots2020
आज आसमान धुएं से मिल कुछ यूँ काला हुआ
जैसे सांस तो चल रही पर दम घुटा जा रहा था
जल उठा शहर मेरा हर जगह शोर और डर हो गया
सपनो और जूनूनवाली गलियो में बस अब खून था
आखें जो हर किसी का साथ देने को तैयार रहती
अब हर किसी पर सवाल कर रही थी जवाब न था
यह कैसी लड़ाई है जो बेगुनाहो को सज़ा देती है
यह कैसा मंज़र है जो अपने ही घर में कैदी बना रहा था
इन्सानियत को पथरो से घायल होते हुए मरते पाया था
कही भी तो नहीं पहुँच रहा था यह कैसा रास्ता था
कब रुकेगा पता नहीं, कहाँ मुडेगा पता नहीं
जिसने जो खो दिया उसकी कीमत आंक पायेगा.. कभी नहीं

जिसने जो पा लिया इस रास्ते से वोह किसी काबिल न था
खून चला खून करने हर जगह बस खून था
उस खून से जो कहानी बनी वोह क्रूरता के अलावा कुछ और न था!

Aaj aasman dhuan se mil kuch yu kala hua
Jaise saans toh chal rahi par dum ghutta jaa raha tha
Jal utha sheher mera har jagah shor aur dar ho gaya
Sapno aur junoon wali gaaliyon mein bas ab khoon tha
Aakhien joh har kisi ka saath dene ko tayaar rehti
Ab har kisi par sawaal kar rahi thi jawaab na tha
Yeh kaisi Ladayi hai joh begunho ko sazza deti hai
Yeh kya manzaar hai joh apne hi ghar mein kaidi bana raha tha
Insaaniyat ko patharoo se ghayal hote hue marta paya tha
Kahi bhi toh nahi pahucha raha tha yeh kaisa raasta tha.
Kab rukega pata nahi kaha mudega pata nahi
Jisne jo khodiya uski kimmat aank payega kabhi nahi
Jisne jo paaliye is raaste se who kisi kabil na tha
Khoon chala khoon karne har jagah Bas khoon tha
Us khoon se joh kahani bani who kroorta ke alawa kuch aur na tha.

By Swati Sharma

Copyright 2020 © Swati Sharma and Learning with life. All rights reserved.

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